भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

फ़र्क / अनातोली परपरा

Kavita Kosh से
अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 21:43, 7 मई 2010 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: अनातोली परपरा  » संग्रह: माँ की मीठी आवाज़
»  फ़र्क

नहीं, ऐसी बात नहीं कि मुझे इसमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता
कि किस घास पर चलता हूँ मैं
किसे बुलाऊँ स्नेह से--- रानी
और अपने खत्ती-बखार में
कौन अनाज भरता हूँ मैं

नहीं ऐसी बात नहीं कि मुझे इसमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता
कि किसे बनाता हूँ मैं मित्र
किसके साथ पीता हूँ जाम
किसके संग सुख-दुख बाँटूँ मैं
और किसके साथ खिचाऊँ चित्र

नहीं ऐसी बात नहीं कि मुझे इसमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता
कि लोग मुझे किस नाम से पुकारते हैं
मुझे गर्व है अपने नाम पर
मैं पुत्र हूँ रूसी धरती का
आप भी समझिए इसे, दोस्तों !
सब यह बात जानते हैं