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फूल नहीं, रंग बोलते हैं-1 / केदारनाथ अग्रवाल

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फूल नहीं, रंग बोलते हैं
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रचनाकार केदारनाथ अग्रवाल
प्रकाशक परिमल प्रकाशन, 17, एम.आई.जी., बाघम्बरी आवास योजना, अल्लापुर, इलाहाबाद- 211 006
वर्ष 1965
भाषा हिन्दी
विषय
विधा
पृष्ठ 200
ISBN
विविध
इस पन्ने पर दी गई रचनाओं को विश्व भर के स्वयंसेवी योगदानकर्ताओं ने भिन्न-भिन्न स्रोतों का प्रयोग कर कविता कोश में संकलित किया है। ऊपर दी गई प्रकाशक संबंधी जानकारी छपी हुई पुस्तक खरीदने हेतु आपकी सहायता के लिये दी गई है।


वल्लरी तुम, धूप तुम, हवा तुम

अस्थि के अंकुर

रंग बोलते हैं