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बाबा के अँगना लवँग केर गछिया / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

बाबा के अँगना लवँग केर गछिया[1]
फूल चुअए[2] चारो कोना, रे मेरो टोना॥1॥
फूल चुन चुन तबीज[3] बनैलों[4]
बान्हू[5] दुलरइता दुलहा बाजू[6] रे मेरो टोना॥2॥

शब्दार्थ
  1. गाछ
  2. चूते हैं, टप-टप गिरते हैं
  3. गलियों में
  4. मारना
  5. बाँधता हूँ
  6. बाजू, भुजा