मजरूह सुल्तानपुरी |
|
|
मजरूह सुल्तानपुरी | ||||
| ||||
| उपनाम | मजरूह | |||
| जन्म स्थान | सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश, भारत | |||
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | -- | |||
| विविध | 1964 में "दोस्ती" फ़िल्म के गीतों के लिये फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार से सम्मानित। | |||
| जीवनी | मजरूह सुल्तानपुरी / परिचय | |||
| अभी इस पन्ने के लिये छोटा पता नहीं बना है। यदि आप इस पन्ने के लिये ऐसा पता चाहते हैं तो kavitakosh AT gmail DOT com पर सम्पर्क करें। | ||||
- कब तक मलूँ जबीं से / मजरूह सुल्तानपुरी
- ख़त्म-ए-शोर-ए-तूफ़ाँ / मजरूह सुल्तानपुरी
- जला के मशाल-ए-जान हम जुनूं सिफात चले / मजरूह सुल्तानपुरी
- दुश्मनों की दोसती है / मजरूह सुल्तानपुरी
- निगाह-ए-साक़ी-ए-नामहरबाँ / मजरूह सुल्तानपुरी
- मसर्रतों को ये अहले-हवस न खो देते / मजरूह सुल्तानपुरी
- मुझे सहल हो गईं मंज़िलें / मजरूह सुल्तानपुरी
- हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो / मजरूह सुल्तानपुरी
- हम है मता-ए-कूचा-ओ-बज़ार की तरह / मजरूह सुल्तानपुरी

