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"मुझ को इस रात की तनहाई में आवाज़ न दो / दिल भी तेरा हम भी तेरे" का अवतरण इतिहास

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  • (सद्य | पिछला) 10:22, 1 मार्च 2010Sandeep Sethi (चर्चा | योगदान). . (113 बाइट) (+113). . (मुझ को इस रात की तनहाई में आवाज़ न दो / दिल भी तेरा हम भी तेरे का नाम बदलकर एक,दो,तीन,आजा मौसम है रंगीन)