भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

"मेरे शब्द / महमूद दरवेश" के अवतरणों में अंतर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
 
पंक्ति 4: पंक्ति 4:
 
|संग्रह=  
 
|संग्रह=  
 
}}
 
}}
 
+
<poem>
 
जब मिट्टी थे मेरे शब्द
 
जब मिट्टी थे मेरे शब्द
 
 
मेरी दोस्ती थी गेहूँ की बालियों से  
 
मेरी दोस्ती थी गेहूँ की बालियों से  
 
  
 
जब क्रोध थे मेरे शब्द  
 
जब क्रोध थे मेरे शब्द  
 
 
ज़ंजीरों से दोस्ती थी मेरी  
 
ज़ंजीरों से दोस्ती थी मेरी  
 
  
 
जब पत्थर थे मेरे शब्द  
 
जब पत्थर थे मेरे शब्द  
 
 
मैं लहरों का दोस्त हुआ  
 
मैं लहरों का दोस्त हुआ  
 
  
 
जब विद्रोही हुए मेरे शब्द  
 
जब विद्रोही हुए मेरे शब्द  
 
 
भूचालों से दोस्ती हुई मेरी  
 
भूचालों से दोस्ती हुई मेरी  
 
  
 
जब कड़वे सेब बने मेरे शब्द  
 
जब कड़वे सेब बने मेरे शब्द  
 
 
मैं आशावादियों का दोस्त हुआ  
 
मैं आशावादियों का दोस्त हुआ  
 
  
 
पर जब शहद बन गए मेरे शब्द  
 
पर जब शहद बन गए मेरे शब्द  
 
 
मक्खियों ने मेरे होंठ घेर लिए
 
मक्खियों ने मेरे होंठ घेर लिए
  
 
+
'''अनुवाद : गीत चतुर्वेदी'''
 
+
(अनुवाद : गीत चतुर्वेदी)
+

01:09, 25 सितम्बर 2010 के समय का अवतरण

जब मिट्टी थे मेरे शब्द
मेरी दोस्ती थी गेहूँ की बालियों से

जब क्रोध थे मेरे शब्द
ज़ंजीरों से दोस्ती थी मेरी

जब पत्थर थे मेरे शब्द
मैं लहरों का दोस्त हुआ

जब विद्रोही हुए मेरे शब्द
भूचालों से दोस्ती हुई मेरी

जब कड़वे सेब बने मेरे शब्द
मैं आशावादियों का दोस्त हुआ

पर जब शहद बन गए मेरे शब्द
मक्खियों ने मेरे होंठ घेर लिए

अनुवाद : गीत चतुर्वेदी