मोटू राम गये बारात / श्याम सुन्दर अग्रवाल

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  रचनाकार: श्याम सुन्दर अग्रवाल  


मिला निमंत्रण, शादी का तो
मोटू राम गये बारात ।
फल कोई उनको न भाया,
और न ही दाल और भात ।
दो प्लेट जलेबी खाई,
और खाई रसमलाई ।
आइसक्रीम खूब छक गये,
और उड़ाई सभी मिठाई ।
दोना भरकर रबड़ी खा ली,
तो तन गया उनका पेट ।
दर्द से जब लगे ऐंठने,
तो धरती पर गये वे लेट ।
एम्बुलेंस में लदकरके ,
 फिर जा पहुँचे अस्पताल ।
हफ्ते भर तक करनी पड़ी,
मोटू को भूख हड़ताल ।





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