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म्हारा दादाजी आया, म्हारी माता हो आया / मालवी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

म्हारा दादाजी आया, म्हारी माता हो आया
दामा रो लोभी बीरो घर रयो
तम क्योंनी आया म्हारा माड़ी रा जाया
तम बिना सूनी म्हारी बिरदड़ी
विरद अलोणी बीरा, थारी बेन अलोमी
कड़ही री चीगट म्हरे चढ़ रई
थारा पिछवाड़े बेन्या गंगा हो जमना
न्हाई-धोई ने बेन्या चीगट हेड़जे
न्हाया धोया से बीरा उजला नी दीखां
उजला तो दीखां रामरथ बीर से