भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

रास्ता / स्वप्निल श्रीवास्तव

Kavita Kosh से
अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 22:44, 27 फ़रवरी 2014 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=स्वप्निल श्रीवास्तव |अनुवादक= |सं...' के साथ नया पन्ना बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

उन्हें रास्ता दीजिए वे बहुत जल्दी में हैं
इन्होनें कई नदियों में जाल डाल रखे हैं
इन्हें नदी की सारी मछलियाँ एक साथ चाहिए
सोने की मुर्गी के अण्डे उन्हें एक दिन चाहिए
इनके शब्दकोष में प्रतीक्षा और धैर्य जैसे शब्द नहीं हैं
वे अपने मित्रों के कन्धों पर पाँव रखकर
पार करना चाहते हैं रास्ता
उन्हें तुरन्त चाहिये यश और धन
वे थोड़े से राजी नहीं हैं
इन्हें समूची कायनात चाहिए