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वणु ऐं काठियरु / हरीश करमचंदाणी

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वणु वढिजी रहियो हो
मूं वटि लञ़ज कोन हुआ
काठियर जे खि़लाफ़।

वढे रहियो हो त काठियरु ठेकेदार लाइ
मूं ध्यान सां हुन खे ॾिठो
लॻो त हू पाण बि वढिजी रहियो हो
वण जे वढिजी
किरी पवण खां पोइ बि
जारी हो हुन जो वढिजणु।