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वली दक्कनी | ||||
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| उपनाम | वली | |||
| जन्म स्थान | औरंगाबाद, महाराष्ट्र, भारत | |||
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | -- | |||
| विविध | वली दक्कनी का मूल नाम वली मोहम्मद था और इन्हें वली गुजराती के नाम से भी जाना जाता है। | |||
| जीवनी | वली दक्कनी / परिचय | |||
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- आहिस्ता आहिस्ता / वली दक्कनी
- उसकूँ हासिल क्योंकर होए जग में / वली दक्कनी
- किया मुझ इश्क़ ने ज़ालिम / वली दक्कनी
- गफ़लत में वक़्त अपना न खो होशियार हो / वली दक्कनी
- जिसे इश्क़ का तीर कारी लगे / वली दक्कनी
- जिसे इश्क़ का तीरे कारी लगे / वली दक्कनी
- तुझ लब की सिफ़त / वली दक्कनी
- तुझ लब की सिफ़्त लाल—ए—बदख़्शाँ सूँ कहूँगा / वली दक्कनी
- दिल को लगती है / वली दक्कनी
- देखना हर सुब्ह तुझ रुख़सार का / वली दक्कनी
- फ़िराके-गुजरात / वली दक्कनी
- मुद्दत हुई सजन ने दिखाया नहीं जमाल / वली दक्कनी
- मुफ़लिसी सब बहार खोती है / वली दक्कनी
- याद करना हर घडी़ उस यार का / वली दक्कनी
- रूह बख़्शी है काम तुझ लब का / वली दक्कनी
- शग़्ल बेहतर है इश्क़ बाज़ी का / वली दक्कनी

