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ज़ाहिद हसन वसीम | ||||
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| उपनाम | वसीम बरेलवी | |||
| जन्म स्थान | बरेली, रुहेलखंड, उत्तरप्रदेश | |||
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | आँखों आँखों रहे, मौसम अन्दर-बाहर के, तबस्सुमे-ग़म , आँसू मेरे दामन तेरा, मिजाज़ , मेरा क्या | |||
| विविध | वसीम बरेलवी आजकल बरेली कालेज, बरेली(रुहेलखंड विश्वविद्यालय) में उर्दू विभाग में प्रोफ़ेसर हैं। | |||
| जीवनी | वसीम बरेलवी / परिचय | |||
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- अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है / वसीम बरेलवी
- अपने हर लफ़्ज़ का ख़ुद आईना हो जाऊँगा / वसीम बरेलवी
- आते आते मेरा नाम / वसीम बरेलवी
- उसूलों पे जहाँ आँच आये / वसीम बरेलवी
- कहाँ तक आँख रोएगी कहाँ तक किसका ग़म होगा / वसीम बरेलवी
- कही सुनी पे बहुत एतबार करने लगे / वसीम बरेलवी
- कौन-सी बात कहाँ , कैसे कही जाती है / वसीम बरेलवी
- क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता / वसीम बरेलवी
- क्या बताऊं कैसा ख़ुद को दर-ब-दर मैंने किया / वसीम बरेलवी
- खुल के मिलने का सलीक़ा आपको आता नहीं / वसीम बरेलवी
- ज़रा सा क़तरा कहीं / वसीम बरेलवी
- तुझको सोचा तो पता हो गया रुसवाई को / वसीम बरेलवी
- मिली हवाओं में उड़ने की / वसीम बरेलवी
- मैं अपने ख़्वाब से बिछ्ड़ा नज़र नहीं आता / वसीम बरेलवी
- मैं इस उम्मीद पे डूबा कि तू बचा लेगा / वसीम बरेलवी
- मैं चाहता भी / वसीम बरेलवी
- रात के टुकड़ों पे पलना छोड़ दे / वसीम बरेलवी
- लहू न हो तो क़लम / वसीम बरेलवी
- हुस्न बाज़ार हुआ क्या कि हुनर ख़त्म हुआ / वसीम बरेलवी


