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वेदे कि तार मर्म जाने (बाउल) / बांग्ला

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

वेदे कि तार मर्म जाने
ये रूप साँइर लीला-खेला
        आछे एइ देह भुवने।।
पंचतत्व वेदेर विचार
पंडितेरा करने प्रचार,
मानुष तत्व भजनेर सार
वेद छाड़ा वै रागेर माने।।
गोले हरि बलले कि हय,
निगूढ़ तत्व निराला पाय,
नीरे क्षीरे युगल हय
      साँइर बारमखाना सेइखाने।।
पइले कि पाय पदार्थ
आत्म तत्वे याराभ्रान्त
लालन बले साधु मोहान्त
सिद्ध हय आपनार चिने।