भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

"शव-साधना / अशोक कुमार शुक्ला" के अवतरणों में अंतर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
पंक्ति 28: पंक्ति 28:
 
वात्सायन की शव साधना..!
 
वात्सायन की शव साधना..!
 
</poem>
 
</poem>
 +
[https://www.youtube.com/watch?v=O_5QV4gTR7I&feature=youtu.be|कविता यू ट्यूब पर सुनें]

10:33, 28 जनवरी 2018 का अवतरण

प्रिये !
उन आन्तरिक
आत्मीय क्षणों में
जब प्रकृति को
निरन्तरता और अमरता
प्रदान करने वाला
अमृत छलक रहा हो
तो तुम्हारा
प्रतिक्रिया शून्य और निष्प्राण
पडा रहना
विचलित करता है मुझे
...सोचता हूं
क्या सचमुच
तुम आधा अंग हो मेरा ?
या
शव आसन की सी
तुम्हारी मुद्रा में
आधा अधूरा ही मै
कर रहा हूं
वात्सायन की शव साधना..!

यू ट्यूब पर सुनें