भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

शीत युद्ध है छिड़ा( हाइकु) /रमा द्विवेदी

Kavita Kosh से
Ramadwivedi (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 21:23, 25 अक्टूबर 2012 का अवतरण ('१-दरकी धरा <br> शीत युद्ध है छिड़ा <br> रिश्तों के बीच |<br><br>...' के साथ नया पन्ना बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

१-दरकी धरा
शीत युद्ध है छिड़ा
रिश्तों के बीच |

२-आँख है नम
दोस्त हैं सब वे ही
प्यार है कम |

३-चंद कतरे
टपक कर गिरे
क्या-क्या न कहें ?

४-अनाम रिश्ते
आत्मा से चुने जाते
जिस्म से नहीं |

५-वजूद मेरा
हुक्म चले उनका
बेढब बात |