Last modified on 11 सितम्बर 2016, at 02:54

श्रेणी:कुण्डलियाँ

कुण्डलियाँ मात्रिक छंद है। एक दोहा और एक रोला मिला कर कुण्डलियाँ बनती है। दोहे का अंतिम चरण ही रोला का प्रथम चरण होता है तथा जिस शब्द से कुण्डलियाँ का आरम्भ होता है, उसी शब्द से कुण्डलियाँ छंद समाप्त भी होता है।

"कुण्डलियाँ" श्रेणी में पृष्ठ

इस श्रेणी में निम्नलिखित 115 पृष्ठ हैं, कुल पृष्ठ 115

द आगे.