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"सफ़ेद चाँद चमक रहा है / सर्गेइ येसेनिन" के अवतरणों में अंतर

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'''मूल रूसी से अनुवाद : अनिल जनविजय'''
 
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13:50, 3 अक्टूबर 2018 का अवतरण

सफ़ेद चाँद चमक रहा है,
बर्फ़ ढका है दुनिया का मैदान

और श्वेत कफ़न पहने
आसमान से झाँके है चन्द्रमा हैवान

श्वेत वस्त्र धारी जंगल में
सफ़ेद भोजवृक्ष खड़े रो रहे वन में

मृत्यु किसकी यह? कहीं ख़ुद ही तो
मैं नहीं पहुँचा शमशान?

मूल रूसी से अनुवाद : अनिल जनविजय