भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

साथ-साथ / रुडयार्ड किपलिंग / तरुण त्रिपाठी

Kavita Kosh से
सशुल्क योगदानकर्ता ४ (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 12:13, 16 मार्च 2019 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=रुडयार्ड किपलिंग |अनुवादक=तरुण त...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जब घोड़ा और घुड़सवार दोनों एक-दूसरे पर भरोसा कर सकें सर्वत्र
तो फिर एक चारदीवारी या चारदीवारी से भी कुछ ज़्यादा चाहिए थामने के लिए यह हर्षित युगल
कि एक कर देगा जो भी दूसरा माँग करेगा, भले वह पीटा-खदेड़ा जाये
और जब यह हो जाता है, वे उन जोखिमों से भी जीवित निकल सकते हैं
जिसका उनमें से कोई अकेला नहीं सामना कर सकता

जब कैप्टन और कर्मीदल समझे एक-दूसरे को भीतर तक
तो एक तूफ़ान या तूफ़ान से भी कुछ ज़्यादा चाहिए
रोकने को उनकी जहाज किनारे पर
कि एक कर देगा जो भी दूसरा हुक्म करेगा, भले वह काँप रहा होगा हड्डियों तक
और दोनों उस मौसम से भी जीवित निकल सकते हैं
जिसका उनमें से कोई अकेला नहीं सामना कर सकता

जब राजा और प्रजा समझें एक-दूसरे को शंकातीत
तो एक शत्रु या शत्रु से भी कुछ ज़्यादा चाहिए हराने के लिए वह देश
कि एक कर देगा जो भी दूसरे की ज़रूरत होगी जैसे ही दिख जाए वह ज़रूरत
और हाथों में हाथ डाले वे ऐसे कदम उठा सकते हैं
जो उनमें से कोई भी अकेला नहीं कर सकता

यह ज्ञान एलिजाबेथ को था, और उनकी सारी प्रजा को भी
कि वे उन सब की थीं, और वे सब उनके थे, और यह वो स्पेनी भी जानता था
कि जब उसका मनहूस जहाजों का बेड़ा इस देश और राज को जीतने के लिए आया
एक के बाद एक, उन्होंने वो हमले झेले,
जिनका कोई भी अकेला नहीं सामना कर सकता

न धन-दौलत, न बातचीत, न व्यापार, न स्कूल, और न ही वोट
बचा पाएँगे तुम्हारा देश
जब दुश्मन के हाथ जकड़ रहे होंगे तुम्हारी गर्दन
लेकिन एक राजा और एक प्रजा
जो संपूर्ण विश्वास करते हों एक-दूसरे पर
सबकुछ में जो भी होता है,
वे निडर होकर सो सकते हैं अपने बिस्तर पर―
कि दुनिया उन्हें अकेला छोड़ देगी...