भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हँसी (हाइकु) / भावना कुँअर

Kavita Kosh से
Dr. ashok shukla (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 21:36, 19 मार्च 2012 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार= भावना कुँअर |संग्रह=तारों की चून...' के साथ नया पन्ना बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

(हँसी)
छलकी हँसी
बनकर संगीत
नदी- सी बही

(अँधेरा)
चाँद न आता
अँधेरा गहराता
बच्चा चिल्लाता

(तम)
चाँद न आए
तारे तिलमिलाएँ
तम मुस्काए

(गुलमोहर)
गुलमोहर
गुलाल सा लगाए
है इतराए

(अमलतास)
अमलतास
पीले करके हाथ
करे न बात ।