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"हवा के साथ चलना ही पड़ेगा / विजय राही" के अवतरणों में अंतर

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12:26, 25 मार्च 2020 के समय का अवतरण

हवा के साथ चलना ही पड़ेगा
मुझे घर से निकलना ही पड़ेगा ।

मेरे लहजे में है तासीर ऐसी,
कि पत्थर को पिघलना ही पड़ेगा ।

पुराने हो गये किरदार सारे,
कहानी को बदलना ही पड़ेगा ।

तुम्ही गलती से दिल में आ गये थे,
तुम्हे बाहर निकलना ही पड़ेगा ।

वो जो मंजिल को पाना चाहता है,
उसे काँटो पे चलना ही पड़ेगा ।