भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हाइकु2 / सीमा 'असीम' सक्सेना

Kavita Kosh से
Dr. ashok shukla (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 20:37, 22 नवम्बर 2018 का अवतरण (Dr. ashok shukla ने हायकू 2 / सीमा 'असीम' सक्सेना पृष्ठ हाइकु2 / सीमा 'असीम' सक्सेना पर स्थानांतरित किया: शुद...)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

१६)माँ की अर्थी
काँधे पर सजाई
न रो तू बेटा!!

१७)सारा आकाश
समां गया मुझमे
पाकर तुम्हें!!

१८)आम का बौर
आने से भी पहले
आम आ गए!!

१९)यूँ रीझ जाना
पलकों में सजाना
जी में बसना!!

२०)ढाई आखर
समुद्र से गहरा
नभ से ऊँचा!!

२१)आते हो याद
भूलने की कोशिश
नाकाम करके!!

२२)बाप से प्यार
जब तक रहे है
जेब में पैसा!!

२३)तकते रहे
तेरे आने की राह
नयन मेरे!!

२४)दर्द की पोटली
भर लायी है अब
जाना तुम्हारा !!

२५)अच्छे दिन है
खिल आया कमल
पंजे को हटा!!
 
२६)कब आओगे
भ्रम सा बना रहा
आहट पर!!

२७)लांघी सीमाये
बने बंदी दुश्मनों के
गवां दी जान !!

२८)बिन संवाद
जिन्दगी है नीरस
बैठो करीब!!

२९)पृथ्वी पे अब
न बची हरियाली
उड़ती धूल!!

३०)कोख में बेटी
जानके भ्रूण हत्या
बेटी सहेजो!!

३१)भगवा वस्त्र
उजले खिले मुख
मन है काला!!