Last modified on 6 सितम्बर 2016, at 03:58

हाथ जोड़ौ गुरु जी परणाम / गढ़वाली

Lalit Kumar (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 03:58, 6 सितम्बर 2016 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKLokRachna |रचनाकार=अज्ञात }} {{KKLokGeetBhaashaSoochi |भाषा=गढ़वाली }...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

हाथ जोड़ौ गुरु जी परणाम,
पैले[1] माया हरि को परणाम,
जौन उपजाई सकल संसार।

जुवार[2] लगोंदू देवी जी पार्वती,
जींका सत से होये अनिधि पुराण।
जुवार लगोंदू गुरु जी गोरख
हाथ जोड़िक अरज गुरु जी गोरख।
मैंक देण गुरु जी सकल संसार,
चँद सूरज देण पौण[3] पाणी[4]
मैंक देण गुरुजी विधना[5] को भार।

शब्दार्थ
  1. पहले
  2. नमस्कार
  3. पवन
  4. पानी
  5. ब्रह्मा