Last modified on 6 सितम्बर 2016, at 03:16

हिलाँसी / भगवती चरण शर्मा 'निर्मोही'

आज हिलाँसी[1] बड़ी सबेरी,
कख[2] से तु उड़िकी चलि आई?
बाटु[3] भुलीं या मेरा घर से,
रैबारू[4] बणिकी तैं आई!
औन्दी[5] छै चुप कैकी औन्दी,
किलै[6] सुणाई अपणी बोली?
आज अणमणो[7] छौं दिनभर मैं,
लगीं छ मन पर भारी गोली।

2.

भुलन बैठि छौं जब सब कुछ,
मैं बिसराई खुद[8] तिन बौड़ाये[9]
बच्चौं की प्यारा सजनू की
तरफ किलै सुरता[10] दौड़ाये?
बोल-बोल प्यारा पहाड़ से
क्या-क्या खबर अरी तू लाई?
एक-एक करिकी तैं सुणऊ
वख[11] की सब बातैं मैं थाई[12]

3.

अजौं[13] रयों[14] छौ कि सूखिगे
गदनौं[15] को सेल्वाणी[16] पाणी?
डाली-बुटली[17] मौलि[18] गैन क्या
कतनि[19] होइने आमू की दाणी[20]?
दुफरा[21] मा अब बजौन्द की ना
अलगोजा क्वी उलारु[22] पराणी[23]?
ग्वैर[24] गोरु माल्ही जाँदान क्या
तुमड़îों[25] पर लटकैकी पाणी?

4.

हौर[26] सुणो तू मेरा घर पर आई
छै क्या कुछ बिपता[27] सी?
म्यरी[28] सैंजड्îा[29] देखि होली तिन[30]
छाई ह्वली जैं[31] परैं उदासी।
रोज लोगु की नजर बचैकी
ह्वली बगौणी[32] ज्वा[33] द्वी आँसू।
जाणदू छौं म्यरी हिलाँसी
प्राण च वीं[34] को भारी क्वाँसू[35]

5.

हाल बतैकी झटपट उड़िजा,
बात बतैदे सारा घर की।
निर्दय छन यख पकड़ि लेन्दान,
ये बात होईं या भारी डर की।
उड़ जा तू अपणी डाँड्यूँ[36] मा,
पे गंगा को ठंडो पाणी।
फेर[37] ना ऐ[38] यख ना तू बोली,
होण दे मेरो निठुरो पराणी।

6.

यख को क्या रैबार[39] ल्हि जैली,
कैदी छौं कुछ बोलि नि सकदू।
बन्धन से ज्यादा दुनियाँ मा,
हैको[40] कुछ दुख होइ नि सकदू।
ये बन्धन तोड़णू कू तैं ही,
ये सब दुख सन[41] मैं सहणू छौं।
भूख-प्यास गर्मी-सर्दी को,
कष्ट भूलि की भी रहणू छौं।


7.

पर जरूर तू इथगा[42] बोली,
बड़ो सुखी छौं याद ना कैने।
औलो[43]-औलो ईं आशा पर,
अपणा मन ब्यलमाई[44] रैने।
घबड़ाई की कुछ नी होन्दो,
कटदी जाला यख का ये दिन।
जनु कुछ भी हँसदो रोन्दो।

शब्दार्थ
  1. एक पक्षी
  2. कहाँ
  3. रास्ता
  4. सन्देश
  5. आली
  6. क्यों
  7. उन्मन
  8. याद
  9. लौटायी
  10. ध्यान
  11. वहाँ
  12. को
  13. अभी
  14. रहा
  15. नदियों
  16. ठंडा
  17. पेड़-बेल
  18. हरी-भरी
  19. कितनी
  20. दाने
  21. दुपहर
  22. भावुक
  23. प्राणी
  24. ग्वाले
  25. तुम्बी
  26. और
  27. मुसीबत
  28. मेरी
  29. संगिनी
  30. तुमने
  31. जिस
  32. बहा रही
  33. जो
  34. उसका
  35. कोमल
  36. चोटियों
  37. फिर
  38. आना
  39. सन्देश
  40. दूसरा
  41. को
  42. इतना
  43. आऊँगा
  44. बुझाना